Article 15 / आर्टिकल 15: अब फर्क लायेंगे

Article 15 / आर्टिकल 15: अब फर्क लायेंगे


Price: ₹ 199.00
(as of Mar 08,2020 10:13:23 UTC – Details)


आर्टिकल 15 एक अलग तरह की अपराध कथा है। उन अपराधों की कहानी, जिनका हिस्सा जाने-अनजाने हम सब हैं। यह फ़िल्म पिछले कुछ सालों में हमारे आसपास घटी कई घटनाओं से विचलित और प्रेरित है।
एक दिलचस्प थ्रिलर के रास्ते यह भारत के वर्तमान सामाजिक राजनैतिक हालात की परतें उधेड़ती है, सवाल करती है, रास्ते सुझाती है। भारतीय समाज में फ़र्क़ पैदा करने वाला सबसे बड़ा कारण ‘जाति’ आज भी करोड़ों लोगों को अमानवीय ज़िंदगी जीने पर मजबूर करता है, उन्हें कमतर इंसान मानता है। ‘सामाजिक व्यवस्था’ के नाम पर सदियों से चल रही इस नाइंसाफ़ी के सामने यह फ़िल्म भारत के संविधान को रख देती है और आँखों में आँखें डालकर हम सबसे पूछती है कि और कितने ज़ुल्म करने हैं तुम्हें?



“यह एक बड़े आख्यान का सुलगता हुआ टुकड़ा है। अनुभव सिन्हा और गौरव सोलंकी के साथ-साथ यह आयुष्मान खुराना की क्षमताओं का विस्फोटक दौर है। —उदय प्रकाश, प्रसिद्ध कथाकार सिन्हा और सोलंकी ने हेडलाइन्स के पार जाकर एक बहुत जटिल पटकथा बुनी है, जिसमें कई सब-प्लॉट्स की परतें हैं। यह भारत की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्मों में से एक है। —असीम छाबड़ा, रेडिफ ‘आर्टिकल 15’ को मुख्यधारा के हिन्दी सिनेमा के इतिहास में अब तक की सबसे बेहतरीन फ़िल्मों में से एक माना जाना चाहिए। अनुभव सिन्हा का निर्देशन और गौरव सोलंकी के साथ किया गया उनका लेखन इस फ़िल्म की जान है। —रवि जैन, एबीपी न्यूज़ गौरव सोलंकी के साथ मिलकर लिखी इस फ़िल्म में अनुभव सिन्हा अपनी पिछली फ़िल्मों से बहुत आगे गए हैं। मैंने इंटरवल में वे लाइनें लिखनी शुरू कीं, जो सबसे ज़्यादा असरदार थीं और फिर मुझे यह करना छोडऩा पड़ा क्योंकि ऐसी लाइनें बहुत ज़्यादा थीं। —ऐना वेट्टीकेड, फर्स्टपोस्ट यह बहुत बहादुर स्क्रीनप्ले है, जो किसी को नहीं बख्श्ता। —मीनाक्षी शेड्डे, मिड डे यह उस सच की फ़िल्म है, जिसे हम भूल जाना चाहते हैं। इस स्क्रिप्ट में ईमानदारी की एक तीखी बू है। —राजा सेन, हिन्दुस्तान टाइम्स ”



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